विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार का कमाल: 574 रन बनाकर रचा इतिहास

विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार ने रचा इतिहास

क्रिकेट में अक्सर रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन कुछ प्रदर्शन ऐसे होते हैं जो खेल के इतिहास को नई दिशा देते हैं। विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में बिहार ने ऐसा ही कारनामा कर दिखाया। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए प्लेट ग्रुप मैच में बिहार ने 574/6 रन बनाकर न केवल मुकाबला जीता बल्कि लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ा स्कोर दर्ज कर इतिहास रच दिया।

विजय हजारे ट्रॉफी 2025 में रांची के JSCA ओवल ग्राउंड में बिहार ने 574 रन बनाकर लिस्ट ए क्रिकेट का नया रिकॉर्ड बनाया
मैच का पूरा विवरण

रांची के जेएससीए ओवल ग्राउंड पर खेले गए इस मुकाबले में बिहार ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज़ अपनाया। बल्लेबाज़ों का इरादा साफ था—वे केवल जीतने नहीं, बल्कि दबदबा बनाने उतरे थे। नतीजा यह हुआ कि उन्होंने तमिलनाडु के 2022 में बनाए गए 506/2 के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया।

शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन

  • वैभव सुर्यवंशी (190 रन, 84 गेंदों पर): मात्र 14 वर्ष की उम्र में वैभव ने लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे कम उम्र का शतकवीर बनने का गौरव हासिल किया। उनकी पारी में आक्रामकता और परिपक्वता दोनों झलक रही थीं।
  • साकिबुल गनी (100 रन, 32 गेंदों पर): कप्तान ने नेतृत्व का शानदार उदाहरण पेश करते हुए सिर्फ 32 गेंदों में शतक जड़ा। यह भारतीय लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज़ शतक है।
  • आयुष लोहारुका (116 रन): उनकी पारी ने टीम को स्थिरता दी और रनगति को बनाए रखा।

इन तीनों बल्लेबाज़ों की पारियों ने मिलकर एक ऐसी धुन बनाई जिसे क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे।

क्यों है यह ऐतिहासिक

  • विश्व रिकॉर्ड: 574/6 अब लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे बड़ा टीम स्कोर है।
  • युवा प्रतिभा: 14 वर्षीय वैभव सुर्यवंशी का शतक भारतीय क्रिकेट के भविष्य की झलक है।
  • तेज़ शतक: साकिबुल गनी का 32 गेंदों का शतक भारतीय क्रिकेट में नया मानक स्थापित करता है।
  • टीम प्रयास: एक ही पारी में तीन शतक टीम की गहराई और प्रतिभा को दर्शाते हैं।

बड़ा परिप्रेक्ष्य

बिहार का यह प्रदर्शन केवल एक जीत नहीं, बल्कि राज्य क्रिकेट के लिए एक मोड़ है। लंबे समय तक बिहार घरेलू क्रिकेट में बड़े राज्यों की छाया में रहा है। इस रिकॉर्ड ने साबित कर दिया कि बिहार भी विश्वस्तरीय प्रतिभा पैदा कर सकता है।

वैभव सुर्यवंशी की पारी यह संदेश देती है कि उम्र कभी बाधा नहीं होती, यदि प्रतिभा और अवसर मिल जाए। उनका प्रदर्शन देशभर के युवाओं को प्रेरित करेगा।


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