केंद्रीय Union Budget 2026 को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज हैं। इस बजट में मिडिल क्लास, निवेशक और ज्वेलरी सेक्टर सभी की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि सोना और चांदी पर सरकार क्या फैसला लेती है। भारत में सोना-चांदी सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि परंपरा और सुरक्षित निवेश का प्रतीक माने जाते हैं।
बजट 2026 में सोना-चांदी को लेकर सरकार का रुख
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य कीमती धातुओं की तस्करी रोकना, टैक्स सिस्टम को सरल बनाना और घरेलू ज्वेलरी उद्योग को मजबूती देना है। इसी कारण से सोने और चांदी पर आयात शुल्क में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि वैश्विक बाजार में अस्थिरता को देखते हुए घरेलू कीमतों को संतुलित रखना प्राथमिकता है, ताकि आम ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
सोने की कीमतों पर बजट 2026 का असर
बजट के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट की संभावना कम है। हालांकि, टैक्स में स्थिरता से बाजार में भरोसा बना है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो आने वाले महीनों में सोना सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।
निवेशकों के लिए यह संकेत है कि सोना अभी भी लॉन्ग टर्म सेफ इन्वेस्टमेंट बना रहेगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और गोल्ड ETF जैसे विकल्प बजट 2026 के बाद और आकर्षक हो सकते हैं।
चांदी पर क्यों है खास नजर?
चांदी केवल आभूषण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स में भी तेजी से बढ़ रहा है। बजट 2026 में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को मिले प्रोत्साहन से चांदी की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मीडियम से लॉन्ग टर्म में चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिल सकती है।
आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?
शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए यह बजट राहत लेकर आया है। टैक्स में कोई बड़ा इजाफा न होने से कीमतें नियंत्रण में रहने की उम्मीद है।
इसके अलावा सरकार ने हॉलमार्किंग और पारदर्शिता पर जोर दिया है, जिससे ग्राहकों को शुद्धता और सही दाम दोनों का लाभ मिलेगा।
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Union Budget 2026 में सोना और चांदी को लेकर कोई चौंकाने वाला फैसला नहीं लिया गया, लेकिन नीति में स्थिरता ने बाजार और निवेशकों को भरोसा जरूर दिया है। जहां निवेशकों के लिए यह सुरक्षित विकल्प बना हुआ है, वहीं आम लोगों के लिए कीमतों में संतुलन की उम्मीद जगी है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 ने Gold–Silver Market में स्थिरता और भरोसे का संदेश दिया है, जो मौजूदा आर्थिक हालात में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।