Updated: 31 Dec 2025 | 09:05 PM IST
भारत: विश्व की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर
पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था के समीकरण तेजी से बदले हैं। भारत, जो एक दशक पहले शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं की सूची के निचले पायदान पर था, आज जापान और जर्मनी जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं को कड़ी टक्कर दे रहा है।
1. नॉमिनल जीडीपी और वर्तमान स्थिति
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक के हालिया अनुमानों के अनुसार, भारत की नॉमिनल जीडीपी बहुत जल्द जापान को पीछे छोड़ने वाली है।
जापान की स्थिति: जापान लंबे समय से आर्थिक स्थिरता और ‘येन’ की कमजोर होती स्थिति से जूझ रहा है। विकास दर लगभग शून्य के आसपास रही है।
भारत की स्थिति: भारत लगातार 6%–7% की दर से आगे बढ़ रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार $3.9 ट्रिलियन को पार कर चुका है, जिससे भारत वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन गया है।
2. भारत की तेज़ प्रगति के प्रमुख कारण
भारत की इस तीव्र आर्थिक प्रगति के पीछे कई मजबूत स्तंभ हैं:
युवा आबादी: भारत की औसत आयु मात्र 28 वर्ष है, जो उत्पादन और नवाचार को गति दे रही है।
डिजिटल क्रांति: UPI ने छोटे और बड़े व्यापार को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ा है।
‘चीन-प्लस-वन’ रणनीति: ग्लोबल कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा रही हैं।
बुनियादी ढांचा विकास: हाईवे, रेलवे और एयरपोर्ट से आर्थिक गतिविधियां कई गुना बढ़ी हैं।
3. आगे की चुनौतियां
चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना गौरव की बात है, लेकिन भारत को अभी भी प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने, कौशल विकास और कृषि सुधार पर ध्यान देने की जरूरत है।
4. $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था और 2047 का लक्ष्य
भारत का लक्ष्य केवल जापान को पीछे छोड़ना नहीं, बल्कि 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है। भारत अब उपभोग का केंद्र ही नहीं, बल्कि दुनिया के लिए समाधान प्रदाता भी बन रहा है।
