श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर: दिव्य वैभव और स्थापत्य का अद्भुत संगम
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के हृदय में स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर न केवल भारत बल्कि दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला, रहस्यमयी तहखानों और गहरी आस्था के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
यह पवित्र मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है, जहाँ वे अनंत शयन मुद्रा (शेषनाग पर विश्राम की मुद्रा) में विराजमान हैं। तिरुवनंतपुरम शहर का नाम भी इसी मंदिर से जुड़ा है, जिसका अर्थ है — भगवान अनंत का नगर।
1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और त्रावणकोर राजपरिवार
इस मंदिर का इतिहास कई शताब्दियों पुराना है। 18वीं शताब्दी में त्रावणकोर के राजा मार्तंड वर्मा ने अपना पूरा राज्य भगवान पद्मनाभस्वामी को अर्पित कर दिया और स्वयं को “पद्मनाभ दास” घोषित किया।
तभी से लेकर आज तक मंदिर के प्रबंधन और देखरेख की जिम्मेदारी त्रावणकोर राजपरिवार के पास ही है।
2. वास्तुकला: द्रविड़ और केरल शैली का मेल
मंदिर की संरचना में केरल शैली और तमिल द्रविड़ वास्तुकला का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
🔸 गोपुरम: सात मंजिला गोपुरम लगभग 100 फीट ऊँचा है, जो अपनी भव्य नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
🔸 स्तंभों का हॉल: मंदिर के भीतर 365 नक्काशीदार ग्रेनाइट स्तंभ हैं, जो वर्ष के 365 दिनों का प्रतीक माने जाते हैं।
🔸 मुख्य प्रतिमा: भगवान विष्णु की लगभग 18 फीट लंबी प्रतिमा 12,008 शालिग्राम शिलाओं से निर्मित है। दर्शन हेतु तीन अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं — सिर, नाभि और चरण।
3. दुनिया का सबसे अमीर मंदिर और रहस्यमयी छठा द्वार
साल 2011 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मंदिर के गुप्त तहखानों (Vaults) को खोला गया।
🔸 अथाह संपत्ति: पाँच तहखानों से सोने के आभूषण, हीरे-जवाहरात, मूर्तियाँ और प्राचीन सिक्के मिले, जिनकी अनुमानित कीमत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक आँकी गई।
🔸 रहस्यमयी द्वार: छठा द्वार आज भी बंद है। मान्यता है कि इसे नाग पाशम मंत्र से सील किया गया है। लोककथाओं के अनुसार इसे बलपूर्वक खोलना विनाशकारी हो सकता है।
4. मंदिर के नियम और परंपराएँ
🔸 पुरुषों के लिए मुंडू (धोती) अनिवार्य, ऊपरी वस्त्र वर्जित।
🔸 महिलाओं के लिए साड़ी अनिवार्य, आधुनिक वस्त्र निषिद्ध।
🔸 केवल हिंदू श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति।
🔸 मोबाइल, कैमरा और बैग अंदर ले जाना प्रतिबंधित।
5. यात्रा से जुड़ी जानकारी
स्थान: ईस्ट फोर्ट, तिरुवनंतपुरम, केरल
समय: सुबह 3:30–12:00 | शाम 5:00–8:30
कैसे पहुँचे: तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मंदिर से मात्र 6 किमी दूर स्थित है।
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर केवल अपनी अपार संपत्ति के लिए नहीं, बल्कि अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ के दर्शन श्रद्धालुओं को आंतरिक शांति और दिव्यता का अनुभव कराते हैं।
ऐसी ही धार्मिक, रहस्यमयी और ऐतिहासिक जानकारियों के लिए AAworlds.in से जुड़े रहें।
#PadmanabhaswamyTemple #IndianHeritage #TempleMystery #KeralaTourism #SanatanDharma #IncredibleIndia