गणतंत्र दिवस 2026 इतिहास, महत्व, परेड और समारोह की पूरी जानकारी
26 जनवरी भारत का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है, जिसे हर साल पूरे देश में गणतंत्र दिवस (Republic Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हर भारतीय के दिल में देशभक्ति और गर्व की भावना उमड़ पड़ती है।
1. गणतंत्र दिवस का इतिहास
भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी तो मिल गई थी, लेकिन उस समय देश का अपना कोई स्थाई संविधान नहीं था। डॉ. बी. आर. आंबेडकर की अध्यक्षता में संविधान समिति ने भारत के लिए एक लिखित संविधान तैयार किया। समिति में कुल 299 सदस्य थे, जिनके अथक प्रयास से हमारा संविधान बना।
26 जनवरी 1950 को सुबह 10:18 बजे भारत का संविधान पूरे देश में लागू हुआ और भारत एक गणतांत्रिक राष्ट्र बन गया। यह तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 1930 में इसी दिन पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी।
2. दिल्ली का मुख्य समारोह
गणतंत्र दिवस का सबसे भव्य आयोजन नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होता है।
ध्वजारोहण: भारत के राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं और राष्ट्रगान गाया जाता है।
सैन्य परेड: थल सेना, वायु सेना और नौसेना अपनी शक्ति का प्रदर्शन करती हैं। अत्याधुनिक टैंक, मिसाइलें और हथियार देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।
सांस्कृतिक झांकियाँ: विभिन्न राज्यों की झांकियाँ भारत की विविधता और संस्कृति को दर्शाती हैं।
वीरता पुरस्कार: इस दिन साहसिक कार्य करने वाले सैनिकों, नागरिकों और बच्चों को सम्मानित किया जाता है।
3. 26 जनवरी का महत्व
गणतंत्र दिवस हमें याद दिलाता है कि हमारे देश में कानून का शासन है और असली शक्ति जनता के हाथ में है। यह दिन हमें हमारे मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करता है। साथ ही यह दिन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का भी अवसर है।
4. स्कूल और कॉलेजों में उत्सव
पूरे देश के स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में तिरंगा फहराया जाता है। बच्चे देशभक्ति गीत गाते हैं, नृत्य प्रस्तुतियाँ देते हैं और रैलियाँ निकाली जाती हैं। मिठाइयाँ बांटी जाती हैं और चारों ओर उत्सव जैसा माहौल रहता है।
गणतंत्र दिवस केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है। हमें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में संविधान का पालन करने और देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए।
जय हिंद! जय भारत! वन्दे मातरम्!
