क्रिसमस मानव के प्रति ईश्वर की असीम प्रेम व शांति का महापर्वव
1. क्रिसमस कब और क्यों मनाया जाता है? (History & Significance)
क्रिसमस हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। ईसाई मान्यताओं के अनुसार इसी दिन प्रभु यीशु मसीह (Jesus Christ) का जन्म हुआ था।
- यीशु को ईश्वर का पुत्र माना जाता है।
- उन्होंने दुनिया को प्रेम और दया का संदेश दिया।
- इसी कारण इस त्योहार को ‘बड़ा दिन’ भी कहा जाता है।
2. क्रिसमस की प्रमुख परंपराएं (Key Traditions)
🎄 क्रिसमस ट्री
लोग अपने घरों में फर (Fir) पेड़ सजाते हैं। इसे तारों, घंटियों, रोशनी और रिबन से सजाया जाता है। पेड़ के ऊपर लगा तारा बेथलहम के तारे का प्रतीक है।
⛪ मिडनाइट मास
24 दिसंबर की रात चर्चों में विशेष प्रार्थना होती है। लोग मोमबत्तियाँ जलाकर यीशु के जन्म का उत्सव मनाते हैं।
🎶 क्रिसमस कैरोल्स
"Silent Night" और "Jingle Bells" जैसे गीत माहौल को और भी खुशनुमा बना देते हैं।
✨ झांकी (Nativity Scene)
घर और चर्च में यीशु के जन्म का दृश्य सजाया जाता है जिसे नेटीविटी सीन कहते हैं।
3. सांता क्लॉज – बच्चों का सबसे प्यारा दोस्त
सांता क्लॉज लाल कपड़ों में आते हैं और अच्छे बच्चों को उपहार देते हैं — ऐसा विश्वास माना जाता है। बच्चे अपने मोज़े टांगते हैं ताकि सांता उनमें गिफ्ट भर दें।
4. क्रिसमस का खाना और उपहार
- प्लम केक क्रिसमस का सबसे खास व्यंजन होता है।
- दोस्तों-रिश्तेदारों को कार्ड और गिफ्ट दिए जाते हैं।
5. आधुनिक समय में क्रिसमस
आज क्रिसमस सिर्फ ईसाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में खुशियों के उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
- मॉल और बाजार सज जाते हैं
- स्कूलों में कार्यक्रम होते हैं
- लोग गरीबों की मदद करते हैं
क्रिसमस हमें सिखाता है कि अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो — एक छोटी सी रोशनी उसे मिटा सकती है।
यही है क्रिसमस का सच्चा संदेश — प्रेम बांटिए, खुशियाँ पाइए ❤️
