BRICS 2026: नया लोगो, संगठन का विस्तार और भारत की अहम भूमिका
By Vikas Srivastav| Updated: 16 January 2026 | Source: International Affairs
आज BRICS (बिक्स) संगठन से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने BRICS के नए आधिकारिक लोगो और संगठन के विस्तार (Expansion) को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने BRICS 2026 के लिए नई विजुअल आइडेंटिटी और रणनीतिक बदलावों पर विस्तार से चर्चा की।
BRICS 2026: नए बदलावों की मुख्य बातें
1. नए लोगो का अनावरण (The New Logo)
डॉ. एस. जयशंकर ने BRICS 2026 के लिए नए लोगो का अनावरण किया, जो संगठन के विस्तार और बदलती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है।
- डिजाइन: नए लोगो में BRICS के मूल सदस्य (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के साथ-साथ हाल ही में जुड़े नए देशों जैसे मिस्र, इथियोपिया, ईरान और यूएई की झलक भी शामिल की गई है।
- प्रतीक: लोगो में ग्लोब और गतिशील रंगों का प्रयोग कर एकजुटता और ग्लोबल साउथ की बढ़ती ताकत को दर्शाया गया है।
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2. जयशंकर का मुख्य संदेश
इस अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने BRICS की बदलती भूमिका को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें कही:
- समानता का प्रतीक: उन्होंने कहा कि यह लोगो केवल एक डिजाइन नहीं, बल्कि दुनिया के आर्थिक और राजनीतिक ढांचे में आ रहे बड़े बदलावों का प्रतीक है।
- पश्चिम का दबदबा कम करना: जयशंकर ने स्पष्ट किया कि BRICS अब वैश्विक राजनीति में एक नई धुरी (Axis) बन चुका है, जो केवल पश्चिमी देशों के फैसलों पर निर्भर नहीं है।
3. BRICS करेंसी (BRICS Currency) पर अपडेट
जयशंकर ने BRICS देशों के बीच व्यापार को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने बताया कि सदस्य देश आपसी व्यापार में स्थानीय मुद्राओं (जैसे भारतीय रुपया और चीनी युआन) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक नए डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मजबूत कर रहे हैं।
इस रणनीति की झलक BRICS की नई ब्रांडिंग और विजुअल आइडेंटिटी में भी दिखाई देती है।
यह खबर महत्वपूर्ण क्यों है?
यह बदलाव दर्शाता है कि BRICS अब केवल 5 देशों का समूह नहीं रहा, बल्कि यह एक “BRICS Plus” के रूप में उभरती हुई बड़ी वैश्विक ताकत बन चुका है।
डॉ. एस. जयशंकर ने इसे भारत की कूटनीतिक जीत बताया और कहा कि भारत इस समूह में एक बैलेंसिंग पावर (संतुलन बनाने वाली शक्ति) की भूमिका निभा रहा है, जिससे भारत की वैश्विक स्थिति और मजबूत हो रही है।
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