सीताकुंड धाम (पिपरा) का पुनर्निर्माण: ऐतिहासिक स्थल बनेगा प्रमुख पर्यटन केंद्र
By Vikas Srivastav | Updated: 15 January 2026 | Source: Bihar Tourism News Desk
पूर्वी चंपारण (बिहार) के पिपरा विधानसभा क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक सीताकुंड धाम के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य वर्तमान में तेजी से प्रगति पर है। यह पौराणिक स्थल रामायण काल से जुड़ा हुआ माना जाता है और अब इसे एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास करते हुए सीताकुंड धाम की धार्मिक गरिमा और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करना है।
✔ रामायण सर्किट का महत्वपूर्ण स्थल
✔ 13 से 15 करोड़ रुपये की लागत
✔ पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
✔ आधुनिक सुविधाओं का विकास
परियोजना का संक्षिप्त विवरण
सीताकुंड धाम का यह पुनर्निर्माण कार्य चकिया ब्लॉक अंतर्गत पिपरा विधानसभा क्षेत्र में किया जा रहा है। इस परियोजना का प्रथम चरण लगभग 13.10 करोड़ से 15 करोड़ रुपये की लागत से संचालित हो रहा है। इसका क्रियान्वयन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) द्वारा किया जा रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सीता ने जनकपुर से अयोध्या लौटते समय इस स्थान पर स्नान किया था, जिसके कारण यह स्थल रामायण सर्किट में विशेष महत्व रखता है।
मुख्य निर्माण कार्य और आधारभूत सुविधाएं
पुनर्निर्माण परियोजना के तहत सीताकुंड परिसर में कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इनमें भव्य मुख्य द्वार और सुरक्षित बाउंड्री वॉल का निर्माण शामिल है, जिससे मंदिर परिसर को आकर्षक और व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा।
पवित्र कुंड की सफाई, उसके चारों ओर पक्के घाटों का निर्माण और सुंदर लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कॉटेज, गेस्ट हाउस, आधुनिक कैफेटेरिया, पीने के पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
परिसर सौंदर्यीकरण और रोजगार के अवसर
परियोजना के अंतर्गत परिसर में हरियाली युक्त पार्क, बैठने के लिए बेंच और रात में रोशनी के लिए हाई मास्ट लाइटें लगाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से व्यवस्थित दुकानों (स्टॉल्स) का भी निर्माण किया जा रहा है।
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कनेक्टिविटी और सड़क विकास
सीताकुंड धाम तक पहुंच को आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर सड़क निर्माण कराया जा रहा है। इस स्थल को राम जानकी मार्ग से जोड़ा जा रहा है, जो अयोध्या से जनकपुर को जोड़ता है।
इसके अलावा पिपरा क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे चकिया, मधुबनी और आसपास के क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
वर्तमान स्थिति और समय सीमा
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास और निर्माण कार्य सितंबर 2025 में प्रारंभ हुआ था। प्रशासन द्वारा इसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
कुल मिलाकर, सीताकुंड धाम (पिपरा) का पुनर्निर्माण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्रीय पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगा। यह परियोजना बिहार के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर सीताकुंड को एक नई पहचान दिलाने की ओर बढ़ रहा एक सशक्त कदम है।
📌 यह रिपोर्ट सरकारी परियोजना विवरण और स्थानीय प्रशासन से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
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